किं कर्तव्यं?
मई के माह में मणिपुर में जो दिखा... प्रत्येक युद्ध का अभद्र चित्र है और व्यक्ती में बसे असुरत्व का प्रभाव। सड़कों पर दिखता व्यक्ति एक हारा हुआ प्राणी है। प्राणी में बसे दानवता की वृत्ति से... दुर्भाग्य है कि,वह प्राणी मनुष्य है। उस प्राणी की ही नहीं मनुष्यत्व की यह हार है । यह युद्ध जो दिखा रस्ते पर एक युग का एक क्षण है। उस क्षणसे लज्जित हर संवेदनशील मन है। वह कृति, प्रवृत्ति हो परिस्थिति हो या प्रतिक्रिया हो प्रत्येक व्यक्ति के अंदर निरंतर चलने वाले युद्ध का एक अंश है । ऐसी अभद्रता से व्यक्ती ही नहीं, उसका समाज भी ,राष्ट्र भी, मनुष्यत्व और मनुष्य का इतिहास भी हो रहा है कलंकित। इस कलंक के धोने का करें प्रयास हर क्षण, हर कोई अपने अंदर भी, और बाहर भी... हर व्यक्ति का यह कर्तव्य है । हर व्यक्ति का यह कर्तव्य है । (20/7/2023