खूबसूरती... दिल की खूबसूरती भी अंदाजसे अंग अंग में झलकती है l जब दिल में मोहब्बत महकती है खूबसूरती और भी निखरती है l फूलों को नुमाईश की जरूरत नही पडती वो यूं ही खूबसूरत लगते है l ओसकी बुंदे हो या, भवरे हो पास में तो , वो और भी खूबसूरत लगते है l बुढापे में ऐसा ही फार्मूला हो.... जो भी सामने दिखता है, देखने आना चाहिये l उसे "अच्छा" या "बुरा" क्यू कर कहे? "समय बदलता है", ये भूलना नही चाहिये l जो भी करना आवश्यक है और कर सकते है, करने आना चाहिए l बुढापा ऐसा होना चाहिये, जो नही करना है, वो नही करना चाहिए l तजूरबा जिंदगी का बहुत है मगर, सलाह पुछी नही तो,देना नही चाहिये l साधन तो बहुत जुटा रखते है मगर, मदद मांगी नही,तो देना नही चाहिये l सामने वाला कितना भी अपना हो, बुढापेमें ऐसा ही फार्मूला होना चाहिये l तकलूफ... पत्तों के बीचभी काटो की चुभन हो सकती है फुल भी कभी कभी महकने से कतराते है l कुछ दोस्त होते है जो जादा ही तकलूफ करते है और कुछ बेशरम हक से तकलीफ देते है l मदद... किसी की मदद करो तो, इतनी आनंद से मदद करो l की मदद लेने वाले...