भाई से है भाई

अपना अस्तित्व न खत्म होने देना।
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भाई की गलती माफ नही करेंगे।
मां बाप की कडवी बात को कभी नही भूलेंगे ।
छोटीसी बात के लिए सबकुछ दुश्मन पर लुटा देंगे। 

दुश्मन तो लूटने के लिए आपको "भाई "कहता है
उसके मन में झांककर देखो ,
वह किसे "दुश्मन" किसे "भाई" मानता है।

दुश्मन तो आते है आपको लूटने के लिए,
आपने एक और मौका दिया तो,
अब समय नही मिलेगा पछताने के लिए ।

अकल है तो हिसाब लगा लो,
किस बात के लिए किस बात को "छोडना" है?
"भाई" को छोडना या  "बात"को छोडना है?

अकल है तो इतिहास मे देखो  ,
दुश्मन ने अब तक हम से कितनी बार लुटा।
वर्तमान को देखो, इतिहास से सिखो...

भाई ने लिया तो  कही नही जायेगा
दुश्मन का लूटा कभी वापस नही आयेगा
अरे,अपना अस्तित्व न खत्म होने देना...
 
फिर एक बार लुट मत जाना।
फिर एक बार लुट मत जाना।


21.6.23

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