आना बारिश
आना बारिश ,आना बारिश, जल्दी आना तू बिन तेरे सूखी पत्ती ,झुकी डाली, खोयी खुशबू ।।धृ।। मन का आंगन, हुआ सुना, ना देखे कोई सपना । जाने कैसे होगा, दिन कल का, डरने लगी रैना ।। दिखे ना बादल, कोई भी नभ में ,व्याकूल है नैना। नैनों से भी ,सूखा पानी ,कोई देख न पाये रोना ।। पंछी पूछे , सूखे डालो से , "कहां है फसलें?" फसलों की ,देख दशा, गांवसे भाग रही नस्लें ।। आओ बाबू, खोया शहर में तू ,है गांव तेरा सुना । ज्ञान धन तु, लेकर आना, फिर उपजाओ सोना ।। (26/6/23)