शेरो शायरी
खूबसूरती...
दिल की खूबसूरती भी अंदाजसे
अंग अंग में झलकती है l
जब दिल में मोहब्बत महकती है
खूबसूरती और भी निखरती है l
फूलों को नुमाईश की जरूरत नही पडती
वो यूं ही खूबसूरत लगते है l
ओसकी बुंदे हो या, भवरे हो पास में तो ,
वो और भी खूबसूरत लगते है l
बुढापे में ऐसा ही फार्मूला हो....
जो भी सामने दिखता है,
देखने आना चाहिये l
उसे "अच्छा" या "बुरा" क्यू कर कहे?
"समय बदलता है", ये भूलना नही चाहिये l
जो भी करना आवश्यक है और कर सकते है,
करने आना चाहिए l
बुढापा ऐसा होना चाहिये,
जो नही करना है, वो नही करना चाहिए l
तजूरबा जिंदगी का बहुत है मगर,
सलाह पुछी नही तो,देना नही चाहिये l
साधन तो बहुत जुटा रखते है मगर,
मदद मांगी नही,तो देना नही चाहिये l
सामने वाला कितना भी अपना हो,
बुढापेमें ऐसा ही फार्मूला होना चाहिये l
तकलूफ...
पत्तों के बीचभी काटो की चुभन हो सकती है
फुल भी कभी कभी महकने से कतराते है l
कुछ दोस्त होते है जो जादा ही तकलूफ करते है
और कुछ बेशरम हक से तकलीफ देते है l
मदद...
किसी की मदद करो तो,
इतनी आनंद से मदद करो l
की मदद लेने वाले को ऐसा लगे....
मदद करने का मौका देकर,
वही तुम्हारी मदद कर रहा है l
ऐसी मदद ना ही हो तो अच्छा....
जो लेने वाले को भी कष्ट दे,
और देने वालों को भी कष्ट दे l
कसीदे...
मेहबूब के तारिफ मे कसीदे पढते है
कशीदेके लिये लतीफे कुदरत से लेते है
फिर मोहब्बत कुदरत से क्यू नही करते,
क्यू उसे हर पल हर दम जखम देते है?
कदमो के निशा
लाखो कदमो के निशान मगर कोई चेहरा नजर नही आता l
कभी कई चेहरे नजर आते है मगर कोई निशान नही होता ll
किरदार
मुख्तलिफ किरदार मिलते रहते हैं सहन में,
हमेशा सबको जहन मे रख्खा नहीं करते l
किरदार किरदार होता है,तमाशा तमाशा होता है
उसे देखकर अपने दिल को दुखाया नहीं करते l
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