कर के देखे
देश से हम कितना लेते हैं, कितना देते हैं देश के लिए?
समाज से हम कितना लेते हैं,कितना देते हैं समाज के लिए?
काम करते है हम वतन के लिये?या वेतन के लिए?
कभी हमने सोचा है? कितना सोचा है?कैसे सोचा है?
मैं और मेरा परिवार,
पगार,प्रमोशन और पुरस्कार!
इसके अलावा...
कभी हमने सोचा है? कितना सोचा है?कैसे सोचा है?
हमारी नियुक्ति किस लिए है?
हमारी पगार कहां से आती है?
हम जितना लेते है उसके हिसाब से
हम क्या आपणा सबकुछ देते है?
हम जिसके लिए कुर्सी पर बैठे है
उस के लिए कुछ कर के तो देखें l
किसी की तकलीफ दूर करने के लिए
थोड़ी सी तकलीफ उठा कर देखें l
किसी की मुश्किलें,आसान करके देखें l
किसी की आंखों में, मुस्कान भर के देखे l
बददुआओं को नजरअंदाज करते आये है,
कभी दुआओं का असर अनुभव कर देखे l
धरती की आवश्यकता क्या है
किस से खतरा है उसको?
मानवता की मांग क्या है
कैसी परेशानी है उसको?
एक अच्छी दुनिया बनाने का
मजा क्या होता है?
क्या दे सकते हैं हम उसके लिए
यह सोचकर देखें l
सपने, जो अपनी आंखों ने देखें
उससे महत्वपूर्ण है बहुत...
सपने, जो हमारे पुरखों ने देखें
उन्हें पूरा करने की कोशिश करके देखें.
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