पुकार
स्वार्थ अहंकार के वश में
सत्ता की लालसा में
मां को लहूलुहान करने से
शर्म ना आई जिनको...
धिक्कार है उनको ?
खुदा का नाम लेकर
धरती को जलाने में
मां का लाल कटवाने में
शर्म ना आई जिनको...
धिकार है उनको!
कोई फेके चिंगारी
कोई डाले ईंधन
क्या है जी उनकी मंशा
समझ ना आयी जिनको
धिक्कार है उनको !
धिक्कार है उनको!
मां की देखो ममता
भुलावे में न आये जनता
सद्धर्म सिखलाए
मौत के सौदागरों को
नमस्कार है उनको !
नमस्कार है उनको!
( वैद्य मनोज पाटिल,31/10/23)
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