सम्मान करनेवाले सभी को समर्पित

सेवा से शांती मिलती है साहब
शोहरत से डर लगता है ।
फुल खिलता है तो 
खुशबू चारो को चली जाती है।
भौंरे भी आ जाते है सहजही
रंग भी कुछ खास होते है।
पर चार ही दिन मे ...
पंखुडीया अलग होती है।
धीरे धीरे कालक्रमसे
मिट्टी का तन मिट्टी मे मिल जाता है ।

यह एहसास जब तक जीवित है
सेवा का आनंद मिलता है।
सेवा से शांती मिलती है साहब
शोहरत से डर लगता है ।

भला हो... भला हो 
सम्मान करने वालों का।
सम्मान करने की भावना
सेवा करने के भाव जिवीत रखती है
समाज में निरंतर ।
अच्छे गुण बहुत लोगों में होते हैं
सब का सम्मान हो यह संभव नहीं।
गुणों को देखने की नजर
बहुत कम लोगों में होती है।
फूलों में रंग,गंध और मकरंद हो
यह कुदरत की देन है।
आपने हमें में अच्छा देखा
यह तो आप की ही देन है।

हमारा अपना कुछ भी नहीं
दोस्तों सेवा में आनंद आता है।
सेवा से शांती मिलती है साहब
शोहरत से डर लगता है ।

( दि.1-7-2021)

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