जजबा और जलवा
मयकसी क्या होती है,
यह उसे कैसे मालूम?
जिसने कभी पी ही नहीं l
कौन किसे कैसे समझाएं?
वैसेही "शांति" क्या होती है,
यह उसे कैसे मालूम?
जिसने कभी साधना की ही नहींl
कौन किसे कैसे समझाएं?
एहसास "एहसास" होते हैं,
लफ्जों से कैसे बयां होंगे?
लब्ज बेजान होते हैं,
एहसास "जिंदगी" की पहचान होते हैं l
वह जान का जज्बा है
वह जान का जलवा है
जान को जान सको तो जान लो
जान क्या होती है?
जीवन क्या होता है?
जानने की कोशिश में
जीवन बितता जाता है मगर
मुश्किल से कोई जान पता है l
जीते जीते औरों को जताए,
भले और भलाईयो को जीताए l
हो सबका जीवन जीने लायक,
ऐसा जिसने सोचा,किया, वही जिया l
बाकी..
सिर्फ आया और गया l
थोडा उधम मचाया और चला गया l
थोडा उधम मचाया और चला गया l
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